[10/30, 09:29] vishnuprasad gyani: अजमेर के रामा भील का रामपुरा मे चन्द्रावतो से युद्ध हुआ युद्ध में लडते लडते रामा भील का सर कट जाने के बाद भी उसका धड दौडते दौडते पराम्बा श्री धरा देवी के पावन तीर्थ क्षेत्र शंखोद्धार की भूमि तक आ पहुचा परं शिवभक्त होने और देवी के क्षेत्र में अपने प्राणोत्सर्ग से प्रसन्न होकर माँ ने उसे भैरवत्व प्रदान कर दिया तब से आज भी जरिया भैरव के नाम से उनकी पूजा पूरा मालवा कर रहा है उनके दर्शन मात्र से प्रेत को मोक् प्राप्त हो जाता है
[10/30, 09:29] vishnuprasad gyani: इतिहासकारो ने शंखोद्धार तीर्थ क्षेत्र को ही महाकवि कालिदास की जन्मस्थली प्रमाणित किया है
[10/30, 09:29] vishnuprasad gyani: मालवा का प्रसिद्ध पशु मेला यही आयोजित होता था जो वर्तमान में समीप शामगढ नगर मे लगता है
[10/30, 09:29] vishnuprasad gyani: शंखोद्धार तीर्थ का वर्णन श्रीधर स्वामी ने अपने मराठी ग्रंथ पाण्डव प्रताप मे भी किया है
[10/30, 09:29] vishnuprasad gyani: चार्वाक मत के अनुयायी चर्मक ॠषि की समाधि भी शंखोद्धार तीर्थ मे ही है
[10/30, 09:29] vishnuprasad gyani: शंखोद्धार तीर्थ मे ही राजा यशवंत राव होल्कर ने पुत्र प्राप्ति की कामना की थी